भारत में बन रही एक और वैक्सीन, कोविशिल्ड और कोवैक्सीन से होगी अलग

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कोरोना वायरस से निपटने के लिए देश भर में बड़े पैमाने पर वैक्सीनेशन प्रोग्राम चलाया जा रहा है। कोवैक्सीन और कोविशिल्ड के बाद अब भारत तीसरी वैक्सीन बनाने जा रहा है, जिसका नाम है ZyCoV-D। यह भारत की दूसरी खुद की वैक्सीन है जो पूर्ण रूप से भारतीय होने वाली है।

इस वैक्सीन को अहमदाबाद की कंपनी जायसड कैडिला बनाने जा रही है। यह वैक्सीन 2022 के आधे तक देश में उपलब्ध होगी।

अभी वैक्सीन का तीसरे फेज का ट्रायल चल रहा है और ट्रायल के डेटा की जांच की जा रही है। वैक्सीन का 60 क्लिनिकल साइट पर हजारों 12 साल से अधिक उम्र के लोगों पर टेस्ट किया गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी को पहले और दूसरे फेज के ट्रायल में अच्छे रिजल्ट मिले हैं। अभी तीसरे फेज में लोगों को डोज दी जा चुकी है और उसके डेटा पर काम चल रहा है।

ZyCoV-D कोविशिल्ड और कोवैक्सीन से अलग है। इसे इंट्रामस्क्युलर तरीके से नहीं बल्कि शॉट्स इंट्राडर्मली रूप से दिए जाएंगे।
इसकी दो के बजाय तीन डोज लगवानी होती है। वैक्सीन की पहली डोज के बाद 28 दिन बाद एक डोज और 56 दिन बाद एक और डोज लगवानी पड़ती है। ऐसे में इसका प्रोसेस अन्य वैक्सीन से काफी ज्यादा है।

इस वैक्सीन को 2 से 8 डिग्री के तापमान पर रखा जा सकता है. इस वजह से इस वैक्सीन को ट्रांसपोर्टेशन और इसके स्टोर करने में ज्यादा मुश्किल नहीं होती है. इस वैक्सीन पर कंपनी ने फरवरी 2020 में काम शुरू कर दिया था. अब मई में वैक्सीन के तीसरे चरण के ट्रायल सामने आएंगे, जिसके बाद कई जानकारी और सामने आएगी, वैसे पिछले ट्रायल को लेकर कई अच्छे दावे किए जा रहे हैं. अब कंपनी बच्चों पर ट्रायल करने की भी इजाजत मांग रही है ताकि बच्चों को भी वैक्सीन दी जा सके.

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