मोटे अनाज को लोकप्रिय करने की मुहिम का नेतृत्व करना हमारे लिए सम्मान की बात

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि मोटे अनाजों को लोकप्रिय बनाने के लिए दुनिया का नेतृत्व करना भारत के लिए सम्मान की बात है। उन्होंने कहा, इसके उपयोग से पोषण, खाद्य सुरक्षा और किसान कल्याण को बल मिलता है। मोटे अनाजों में ज्वार, बाजरा और रागी आते हैं, इन्हें पौष्टिक अनाज माना जाता है। प्रधानमंत्री मोदी की यह टिप्पणी संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) द्वारा भारत की ओर से पेश एक प्रस्ताव को सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिए जाने के संदर्भ में आया। इसके तहत 2023 को ‘अंतरराष्ट्रीय मोटा अनाज वर्ष’ घोषित किया गया है। उल्लेखनीय है कि इस प्रस्ताव का 70 से अधिक देशों ने समर्थन किया।
पीएम ने ट्वीट कर कहा, ‘मोटे अनाजों को लोकप्रिय बनाने के लिए अग्रिम मोर्चे पर जुटा भारत सम्मानित महसूस कर रहा है। मोटे अनाजों के उपभोग से पोषण के अलावा खाद्य सुरक्षा और किसानों के कल्याण को भी बल मिलता है। यह कृषि वैज्ञानिकों और स्टार्ट-अप समुदाय के लिए शोध और नवोन्मेष के द्वार भी खोलता है।’ उन्होंने इस प्रस्ताव का समर्थन करने वाले देशों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के सभी प्रतिनिधियों को नाश्ते के रूप में प्रसिद्ध मुरुक्कू पेश किया गया। उन्होंने कहा, ‘यह ऐसा अल्पाहार जिसे मैं भी बहुत पसंद करता हूं और आप सभी से आग्रह करता हूं कि इसे एक बार जरूर आजमाएं।’

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