सशक्त और समर्थ विधायिका बनाती है लोकतंत्र को शक्तिशाली : योगी

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विधायिका संसदीय लोकतंत्र का आधार है जिसकी मजबूती के लिये सदन में प्रभावी संवाद जरूरी है। योगी ने शुक्रवार को विधान परिषद सदस्यों के विदाई समारोह में कहा कि सशक्त और समर्थ विधायिका लोकतंत्र की जड़ों को शक्तिशाली बनाती है और इसके लिए सदस्यों द्वारा सदन में प्रभावी संवाद आवश्यक है। उन्होने कहा कि सदस्यों के आने-जाने का क्रम निरन्तर बना रहता है।

अपने कार्यकाल में सदस्यों द्वारा दायित्वों का निर्वाह जिस निष्ठा, समर्पण, लगन एवं ईमानदारी के साथ किया जाता है, उससे समाज का जो भला होता है, वही कार्यकाल को स्मरणीय बनाता है। मुख्यमंत्री ने 06 मई 2020 को पदावधि के अवसान पर निवृत्त हुए विधान परिषद सदस्य ओम प्रकाश शर्मा के निधन को बड़ी क्षति बताते हुए दिवंगत आत्मा की सद्गति की प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि शर्मा ने 48 वर्षां तक शिक्षा जगत की समस्याओं के समाधान के लिए विधायिका के मंच का उपयोग किया।

उन्होने छह मई को ही पदावधि के अवसान पर निवृत्त हुए सदस्यों कांति सिंह,केदारनाथ सिंह,डॉ यज्ञदत्त शर्मा, डॉ असीम यादव, चेत नारायण सिंह, जगवीर किशोर जैन तथा 31 जनवरी को पदावधि के अवसान पर निवृत्त हो रहे सभापति विधान परिषद रमेश यादव के अलावा आशु मलिक, रामजतन राजभर, वीरेन्द्र सिंह, साहब सिंह सैनी, धर्मवीर सिंह अशोक, प्रदीप कुमार जाटव के सदन में योगदान की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य एवं स्वस्थ व सुदीर्घ जीवन की कामना की। इससे पहले, उप मुख्यमंत्री एवं विधान परिषद में सदन के नेता डॉ दिनेश शर्मा ने निवृत्त हो रहे सदस्यों का माल्यार्पण किया और अंगवस्त्र व स्मृति चिन्ह भेंट किया। उन्होंने निवृत्त हो रहे सभी सदस्यों की संसदीय परम्पराओं के निर्वहन में सहयोग के लिए सराहना की।

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