पूर्व चीफ जस्टिस रंजन गोगोई को मिली जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा

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पूर्व चीफ जस्टिस रंजन गोगोई को केंद्र सरकार ने जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा देने का फैसला किया है। उन्हें भारत भर में यात्रा के दौरान यह सुरक्षा दी जाएगी। जानकारी के मुताबिक, सीआरपीएफ को उन्हें सुरक्षा देने को कहा गया है। रंजन गोगोई 13 महीने चीफ जस्टिस के पद पर रहे। 17 नवंबर 2019 को वह सेवानिवृत हुए थे। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कई अहम फैसले लिए। इसमें अयोध्या ‘राम जन्म भूमि बाबरी मस्जिद विवाद’ का ऐतिहासिक फैसला भी शामिल था।

इसके अलावा सबरीमाला मामले पर भी उनकी बेंच ने फैसला दिया था। रंजन गोगोई और पी।सी।घोष की पीठ ने सरकारी विज्ञापनों में नेताओं की तस्वीर लगाने पर पाबंदी लगा दी थी। सुप्रीम कोर्ट के फैसलों को अंग्रेजी और हिंदी समेत 7 भाषाओं में प्रकाशित करने का फैसला भी रंजन गोगोई की बेंच ने ही लिया था। इससे पहले तक फैसले केवल अंग्रेजी में ही प्रकाशित होते थे। इसके साथ-साथ राफेल लड़ाकू विमान सौदे पर उठ रहे सवालों के बीच गोगोई ने मोदी सरकार को क्लीन चिट दी थी।

रंजन गोगोई का जन्म 18 नवंबर 1954 को असम के डिब्रूगढ़ में हुआ था। रंजन गोगोई पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रह चुके हैं। 2012 के बाद सुप्रीम कोर्ट में जज रह चुके रंजन गोगोई ने 3 अक्टूबर 2018 को भारत के 46वें चीफ जस्टिस के रूप में शपथ ली थी। उनके पिता केशब चंद्र गोगोई 1982 में असम राज्य के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। रंजन गोगोई भारत के चीफ जस्टिस बनने वाले पूर्वोत्तर भारत के पहले व्यक्ति और पहले असमी हैं।

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