प्रधानमंत्री मोदी के पास शहीद हुए किसानों के लिए दो शब्द कहने का भी टाइम नहीं लेकिन अंबानी और अडानी के लिए पूरा टाइम

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किसान मजदूर संघर्ष कमेटी की अध्यक्षता में किसान विरोधी तीन काले कानून रद्द कराने के लिए जंडियाला गुरु गहरी मंडी में चल रहा रेल रोको आंदोलन गुरबचन सिंह चब्बा, गुरलाल सिंह पंडोरी और हरप्रीत सिंह सिधवां की अध्यक्षता में आज 102वें दिन में दाखिल हो गया।

किसान नेता लखविंदर सिंह वरियामनंगल और जर्मनजीत सिंह बंडाल ने कहा कि कड़ाके की सर्दी में खुले आसमान के नीचे रातें बसर कर रहे आंदोलनकारी किसानों के दर्जनों साथी इस किसानों के संघर्ष को समर्पित अपनी जाने न्यौछावर कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास इन शहीदों के लिए 2 शब्द कहने का टाइम नहीं है परन्तु उनके पास अडानी और अंबानी के प्रचार के लिए टाइम होता है। किसान नेताओं द्वारा आंदोलन को और तेज करते हुए दिल्ली में 26 जनवरी को ट्रैक्टर मार्च और अन्य प्रोग्राम करने की घोषणा कर दी है।

किसान नेताओं का कहना है कि मोदी सरकार द्वारा लाया जा रहा यह नया कृषि कानून पहले ही अमेरिका और यूरोप जैसे विकसित देशों में फेल हो चुका है परंतु मोदी सरकार धक्के के साथ यह फेल हो चुका मॉडल किसानों के सिर पर थोप कर किसानों को बर्बाद कर जमीनों को हड़पना चाहती है।

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