प्रख्यात नृत्य विशेषज्ञ सुनील कोठारी का निधन

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पद्मश्री से सम्मानित सुप्रसिद्ध नृत्य इतिहासकार विद्वान और समीक्षक सुनील कोठारी का आज सुबह यहां निधन हो गया। वह 87 वर्ष के थे और अविवाहित थे।

कोठारी गत नवम्बर में कोविड-19 से संक्रमित हो गये थे और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था । वह ठीक होकर घर आ गए थे , लेकिन कल रात उन्हें दिल का दौरा पड़ा तो उन्हें फिर अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां सुबह करीब नौ बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।

पद्मश्री से सम्मानित नर्तकी गीता चंद्रन शोभना नारायण मल्लिका साराभाई समेत नृत्य जगत की जानी मानी हस्तियों ने डॉ कोठारी के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है और भारतीय शास्त्रीय नृत्य जगत कीबड़ी क्षति बताया है।

बीस दिसम्बर 1933 को मुम्बई में जन्मे डॉ कोठारी पेशे से चार्टड अककॉउंटेंट थे लेकिन नृत्य प्रेम के कारण वे इस क्षेत्र में रम गए । उन्होंने भारतीय शास्त्रीय नृत्य पर 20 किताबें लिखी। वे मुंबई में प्रख्यात आंग्रेजी लेखक मुल्क राज आनन्द के मित्र भी थे। उन्होंने बड़ोदरा विश्विद्यालयय से नृत्य शस्त्र में पीएचडी की । फिर वह विश्वभारती विश्विद्यालयय में उदय शंकर प्रोफेसर बन गए। उन्होंने फुलब्राइट स्कालरशिप पर अमेरिका के न्यूयार्क विश्विद्यालयय में भी पढ़ाया था। उन्हें 1995 में नृत्य के विकास में योगदान के लिए संगीत नाटक अकेडमी अवार्ड 2001 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया। उन्होंने उदय शंकर और रुक्मणि अरुंडेल पर फोटो बुक भी संपादित की थी।

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