धरने पर बैठे किसान बोले- कानून वापसी से पहले हटेंगे नहीं, चाहे 10 साल लग जाएं

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कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसानों को दिल्ली की सड़कों पर डटे एक महीना होने वाला है। सरकार की ओर से ताजा संशोधनों का प्रस्ताव भी किसानों ने ठुकरा दिया है। किसानों का कहना है कि सरकार बिना किसी शर्त के साथ बातचीत की टेबल पर आए। किसानों की ओर से अब भी तीनों कानून वापसी की मांग की जा रही है। दूसरी ओर आज किसानों के मसले पर ही कांग्रेस नेता राहुल गांधी की अगुवाई में विपक्ष मार्च निकालने जा रहा है।

 

दरअसल बुधवार को किसान संघ ने केंद्र की तरफ से भेजे गए बातचीत के प्रस्ताव को ठुकरा दिया था। अब यह खींचतान कितनी लंबी चलेगी यह किसी को समझ नहीं आ रहा है।

दिल्ली के बॉर्डरों पर किसानों का धरना जारी है। गाजीपुर बॉर्डर पर भी कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का विरोध प्रदर्शन जारी है। एक प्रदर्शनकारी ने बताया कि जब तक कानून वापस नहीं लिया जाता तब तक हम हटेंगे नहीं, इसके लिए चाहे 10 साल लग जाएं। 6 बार की बातचीत हो चुकी है. सरकार चाहती तो हल निकाल सकती थी।

 

कांग्रेस नेता राहुल गांधी एक बार फिर कृषि कानूनों के मसले पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात करेंगे, उनके साथ विपक्ष कसे अन्य कई नेता भी होंगे। गुरुवार को राहुल की अगुवाई में एक मार्च निकाला जाएगा, जिसमें विपक्ष के सांसद होंगे जिसके बाद करीब दो करोड़ किसानों के हस्ताक्षर वाला पत्र राष्ट्रपति को सौंप कानून वापसी की अपील होगी। ये मुलाकात सुबह करीब 11.30 पर होगी।

किसानों के द्वारा आज एक बार फिर प्रेस कॉन्फ्रेंस की जाएगी। किसान नेता दोपहर 12 बजे एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे, जिसमें आंदोलन का कारण बताएंगे। किसान मोर्चा की ओर से अपने डिजिटल प्लेटफॉर्म पर वेबिनार का आयोजन किया जा रहा है, ताकि अगर लोगों के कुछ सवाल हो तो वो जवाब दे सकें।

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